Sunday, March 10, 2024

आशुतोष नेगी की गिरफ्तारी पर पीसीआई ने उठाये सवाल!

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया राज्य के पत्रकार आशुतोष नेगी की गिरफ्तारी पर चिंतित है. पीसीआई ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि निराधार आरोप लगाकर आशुतोष नेगी को गिरफ्तार किया गया है. पीसीआई की विज्ञप्ति में कहा गया है कि रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की कथित हत्या के संबंध में रिसॉर्ट का स्वामित्व तत्कालीन बीजेपी मंत्री विनोद आर्य के बेटे के पास था.

उत्तराखंड पुलिस ने बिना आरोपों की पुष्टि के आशुतोष नेगी पर राज्य सरकार और पुलिस के खिलाफ अविश्वास पैदा करने का आरोप लगाया है. रिपोर्टों के अनुसार आशुतोष नेगी ने एक नागरिक पत्रकार के रूप में अंकिता भंडारी के परिवार के लिए जल्द न्याय की चिंता जताई है, जिसकी कथित तौर पर हत्या कर दी गई थी. पुलिस प्राथमिक अपराध की जांच पर काम करने के बजाय, आशुतोष नेगी के साथ एक सामान्य अपराधी की तरह व्यवहार कर रही है.

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने कहा कि उत्तराखंड सरकार और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाना प्रत्येक नागरिक का जरूरी अधिकार है. पत्रकारों तो सवाल उठाने के साथ ही अपने कर्तव्यों का पालन कर लोकतंत्र को जीवित और जीवंत बनाए रखने के लिए सत्ता के सामने सच बोलते हैं. पीसीआई के अनुसार उत्तराखंड पुलिस ने कहा है- आशुतोष नेगी जैसे सामाजिक कार्यकर्ताओं पर संदेह है. हम अशुतोष नेगी की गतिविधियों की जांच कर रहे हैं, जो एक साजिश का हिस्सा और कठोर कार्रवाई मालूम पड़ती है.

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